मुज़फ़्फ़रनगर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश से संबद्ध आशा कर्मचारी संघ ने सीएमओ के सामने महिलाओं और स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ हो रही कथित अनियमितताओं पर चिंता जताते हुए प्रदर्शन किया।
संघ की जिला अध्यक्ष निर्मला चौधरी और मंत्री अंजू त्यागी ने बताया कि हाल ही में किसान मजदूर आंदोलन के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें आशा कार्यकत्री के बारे में अभद्र टिप्पणी दिखाई गई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं का समाज पर नकारात्मक असर पड़ता है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसके अलावा, संघ ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत आशा और अन्य महिला कर्मचारियों के साथ हो रही कथित अभद्रता और अपमान के मामलों को भी उजागर किया। संघ का कहना है कि जिले की सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजों को उचित देखभाल और प्रसव संबंधी सुविधा नहीं मिल रही, और कई बार उन्हें बाहर रेफर किया जाता है, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को परेशानी होती है।संघ ने सीएमओ से मांग की है कि इन शिकायतों की तत्काल जांच कराई जाए और महिलाओं तथा स्वास्थ्य कर्मियों के अधिकारों की रक्षा की जाए। निर्मला चौधरी ने कहा कि इस मामले में यदि कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आगे प्रदर्शन और आंदोलन के माध्यम से अपनी आवाज उठाएगा। संघ ने यह भी चेतावनी दी कि स्वास्थ्य और सामाजिक अधिकारों के मामले में किसी भी तरह की अनदेखी समाज में असंतोष बढ़ा सकती है।






