मुजफ्फरनगर। भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर में बुधवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती रेशू ने छात्राओं को संबोधित करते हुए भगवान विश्वकर्मा के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन और परिश्रम के प्रतीक हैं। वे हमें यह सिखाते हैं कि सृजन ही जीवन का मूल है और प्रत्येक कार्य यदि निष्ठा व ईमानदारी से किया जाए तो वह स्वयं ईश्वर की उपासना बन जाता है। उन्होंने बच्चों को ईमानदारी, सच्चाई, लगन और मेहनत से शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और भगवान विश्वकर्मा के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक बातें सीखीं।






