मुज़फ्फरनगर। जिला अधिकारी कार्यालय पर सोमवार को जनपद जाट महासभा के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपकर संगठन में कथित फर्जी अध्यक्ष पद के दावे को रोकने की मांग की।
महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन का पंजीकरण वर्ष 2001 में सहायक निबंधक सहारनपुर कार्यालय में संख्या 147 के तहत कराया गया था। संस्था के संविधान के अनुसार हर तीन वर्ष में नई कार्यकारिणी का गठन होता है। वर्ष 2022 में कार्यकारिणी गठन के दौरान जगदीश बालियान ने स्वयं को अध्यक्ष घोषित कर दिया, जिस पर आपत्ति जताते हुए जयवीर सिंह ने सहायक निबंधक कार्यालय में लिखित शिकायत दी थी।संरक्षक मंडल द्वारा बहुमत के आधार पर जगदीश बालियान और उनकी समिति को निरस्त कर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें धर्मवीर बालियान को अध्यक्ष चुना गया और इसकी सूचना सहायक निबंधक को भी भेज दी गई। जाट महासभा पदाधिकारियों का आरोप है कि इसके बावजूद जगदीश बालियान अपने आप को संगठन का अध्यक्ष बताकर बैनर-पोस्टर का उपयोग करते आ रहे हैं और 14 सितंबर 2025 को पंजाबी बारात घर में संगठन के नाम से कार्यक्रम करने की तैयारी कर रहे हैं। महासभा ने इसे रोकने के लिए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।






