खतौली। नगर पालिका की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पालिका कर्मचारियों की मिलीभगत से राजस्व को नुकसान पहुंचाने और निजी कंपनियों को अवैध रूप से लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है।
मंगलवार को नगर पालिका के ट्यूबवेल से पानी का एक टैंकर निजी कंपनी के टैंकर में भरवाया गया। इस दौरान पालिका के ही एक कर्मचारी को सुविधा शुल्क देकर यह कार्य कराया गया। जबकि नियमों के अनुसार पालिका केवल विशेष परिस्थितियों में ही पानी का टैंकर उपलब्ध कराती है, जिसके लिए 1200 रुपए प्रति टैंकर का शुल्क निर्धारित है, लेकिन कर्मचारियों ने निजी कंपनी से मात्र 500 रूपये की राशि लेकर टैंकर भरवाकर भेज दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है और कर्मचारियों की मिलीभगत से पालिका को निरंतर आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस वजह से न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिह्न लग रहा है।इस संबंध में जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि नगर पालिका के ट्यूबवेल से यदि किसी बड़े समारोह या विशेष अवसर के लिए टैंकर भेजा जाता है तो आयोजकों से 1200 रूपये प्रति टैंकर शुल्क लेने का प्रावधान है। सामान्य तौर पर टैंकर उपलब्ध ही नहीं कराए जाते। यदि किसी कर्मचारी ने निजी लाभ के लिए ऐसा कार्य किया है तो यह पूरी तरह गलत है। मामले की जांच कराकर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।नगरवासियों ने पालिका प्रशासन से मांग की है कि मामले की गहन जांच कराई जाए और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






