मुजफ्फरनगर।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर घोषित और 3 सितंबर को जीएसटी परिषद की बैठक में पारित जीएसटी 2.0 सुधारों का लघु उद्योग भारती और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने हार्दिक स्वागत किया है।
22 सितंबर से लागू होने वाले इस ऐतिहासिक सुधार के तहत अब केवल दो कर स्लैब 5% और 18% रहेंगे। परिषद ने 12% स्लैब की आवश्यक वस्तुओं को 5% में तथा 28% स्लैब की कई वस्तुओं को 18% में लाकर 12% और 28% स्लैब को समाप्त कर दिया है। वहीं, विलासिता की श्रेणी की वस्तुओं पर अब 40% जीएसटी लगेगा।एल.यू.बी. के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा और महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मार्गदर्शन में लंबे समय से प्रतीक्षित यह सुधार संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया में सरलीकरण, त्वरित रिफंड और अनुपालन बोझ में कमी से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे कार्यशील पूंजी की उपलब्धता बढ़ेगी, कच्चा माल सस्ता होगा और छोटे उद्योगों को व्यापक बाजार तक पहुंच मिलेगी। उद्योग व्यापार मंडल मुजफ्फरनगर ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का आभार जताया। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों अशोक कंसल, अजय कुमार सिंघल, श्याम सिंह सैनी, प्रवीण खेड़ा, सुलखान सिंह नामधारी, राकेश गर्ग, बाबूराम, दिनेश बंसल, अजय गुप्ता, अनिल तायल, अलका शर्मा, अंजू शर्मा, अनीशा भटनागर, अमित मित्तल और पंकज अपवेजा आदि ने कहा कि इस सुधार से व्यापारियों और उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी, वस्तुओं के दाम घटेंगे और उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। दोनों संगठनों ने इसे अब तक का सबसे बड़ा जीएसटी रिफॉर्म बताते हुए कहा कि यह कदम “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” अभियान को नई गति देगा तथा देश को विकसित भारत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। इस मौके पर उद्योग व्यापार मंडल ने देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ व भूस्खलन की आपदाओं से प्रभावित नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनके साथ खड़े रहने का संकल्प जताया।







