एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने भर्ती के नाम पर हुए खेल का किया खुलासा, आर्मी की वर्दी और फर्जी कार्ड बरामद
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में चल रही अग्निवीर भर्ती परीक्षा में खेला हो गया। शारीरिक दक्षता में असफल हुए बिजनौर के एक नौजवान को भर्ती का झांसा देकर एक लाख रूपये ठग लिए गए। मामला खुला तो सिविल लाइन पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मेरठ के जालसाज को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से आर्मी की वर्दी और फर्जी कार्ड बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने अग्निवीर भर्ती के नाम पर हुई ठगी का शुक्रवार को खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बिजनौर जिले के पनियाला गांव निवासी अभिषेक अग्निवीर भर्ती में शामिल होने आया था। मुजफ्फरनगर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल होने के कारण अभिषेक लौट गया था। इसी बीच संदीप नाम के शख्स ईमेल आईडी से आए संदेश में अग्निवीर भर्ती में पास कराने का झांसा दिया गया। इसके बाद फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो आरोपी ने अभिषेक को बात करने के लिए मेरठ बुलाया, जहां पर तीन लाख रूपये में भर्ती कराने की बात कही गई। अभिषेक और उसके भाई ने जालसाज की बात पर विश्वास करते हुए एक लाख रूपये की रकम आरोपी को नुमाइश मैइान के पास उपलब्ध करा दी। रकम लेने के बाद आरोपी ने मेडिकल टोकन देते हुए 31 अगस्त को भर्ती स्थल पहुंचने के लिए कहा। अभिषेक भर्ती स्थल पहुंचा, लेकिन फिंगर प्रिंट मैच नहीं हुए तो उसे बाहर कर दिया गया, तब जाकर ठगी का खुलासा हुआ। एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष कुमार की अगुवाई में आरोपी की गिरफ्तारी को टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने 100 से अधिक कैमरों का अवलोकन और सर्विलांस की मदद से आरोपी सुमित कुमार निवासी शमशेर नगर इंचैली मेरठ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास आर्मी की वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, बिना नंबर की स्कूटी बरामद की गई। आरोपी रूडकी, लखनऊ और आगरा की भर्ती में कई अभ्यर्थियों से ठगी कर चुका है। एसएसपी संजय वर्मा ने इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार की अगुवाई वाली पुलिस टीम को 20 हजार रूपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।







