मुजफ्फरनगर। कुछ घंटे की बारिश ने शहर की गलियों और मुख्य सड़क को जलमग्न कर दिया। बाजारों में पानी भरने से व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ, जबकि पानी में फंसकर अनगिनत वाहन खराब भी हो गये। चारों तरफ जल ही जल का नजारा पहली बार नहीं दिखा है। हर बार जलभराव होता है, लेकिन जनता के हितों और विकास का दावा करने वाली नगर पालिका ऐसा कोई प्लाॅन जमीन पर नहीं उतार पा रही है, जिससे आम लोगों को जलभराव से होने वाली दिक्कतों से निजात मिल सके। गुरुवार देर रात से शुरू हुई झमाझम मूसलाधार बारिश ने शुक्रवार पूरे जिले में हाहाकार मचा दिया। शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक कोई ऐसा इलाका नहीं बचा, जहां जलभराव की समस्या ने लोगों की मुश्किलें न बढ़ाई हो।लगातार हुई बरसात से शहर के निचले इलाकों का हाल बेहाल हो गया। शिव चैक, प्रकाश चैक, मीनाक्षी चैक, महावीर चैक सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर कई-कई फुट पानी जमा हो गया। इस दौरान दुकानों और घरों में घुसे पानी ने लाखों रुपये का सामान बर्बाद कर दिया। लोग रात भर पानी निकालने में जूझते रहे, मगर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण राहत नहीं मिल पाई। जलभराव के चलते शहर के कई मुख्य चैराहों पर घंटों तक यातायात ठप रहा। प्रकाश चैक, मीनाक्षी चैक और महावीर चैक पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी, मगर तब भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
अस्पताल की दीवार ढही, बड़ा हादसा टला
मुजफ्फरनगर। जानसठ रोड स्थित आरोग्यं अस्पताल परिसर में बारिश के दबाव से एक बड़ी दीवार भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आकर दो-तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गये। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना अक्सर भीड़भाड़ वाले इस अस्पताल में जनहानि का नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास अफरा- तफरी का माहौल बन गया।








