खतौली। परंपरागत छड़ियों का मेला इस बार आरंभ होने से पहले ही विवादों में फंस गया है। एक ओर जहां कुछ सभासद ठेकेदार के पक्ष में जल्द से जल्द मेला शुरू करवाने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरे गुट के सभासद व्यवस्थाओं और ठेका प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
हाल ही में सभासद मनोज ने वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पालिका अध्यक्ष हाजी शाहनवाज लालू पर सवाल खड़े किए थे। इसके जवाब में सभासद शानू, कपिल मोतला सहित अन्य सभासदों ने मनोज पर ठेकेदार के साथ मिलकर धार्मिक मेले में व्यवधान डालने का आरोप लगाया।मंगलवार को दोबारा मीडिया से रूबरू होकर सभासद मनोज ने कहा कि वे धार्मिक मेले के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि पूरी तरह इसके पक्ष में हैं। लेकिन जिस ठेकेदार को ठेका दिया गया है, वह पहले ब्लैकलिस्टेड रह चुका है और अनुभवहीन भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भीड़-भाड़ वाले इस मेले में कोई हादसा हो गया तो जिम्मेदारी किसकी होगी? मनोज ने पालिका अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मेला नीलामी की प्रक्रिया सात–आठ बार की गई, लेकिन अध्यक्ष हर बार उदासीन रहे। यदि वे सक्रियता दिखाते तो ठेका किसी अनुभवी ठेकेदार को मिलता और पालिका को आर्थिक नुकसान भी नहीं झेलना पड़ता। मनोज का दावा है कि इस बार पिछले साल की तुलना में करीब 7 लाख रुपये कम में ठेका दिया गया, जिससे पालिका को सीधा घाटा हुआ है। सभासद मनोज ने पूरे प्रकरण की जांच उच्चाधिकारियों से कराने की मांग की है, ताकि मेले की पारदर्शिता बनी रहे और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






