पुणे की फर्जी कंपनी के नाम पर बेरोजगारों से की जा रही थी ठगी
खालापार पुलिस ने काॅल सैंटर के दो संचालकों को किया गिरफ्तार
15 मोबाइल, सिम और फर्जी दस्तावेज बरामद
मुजफ्फरनगर। खालापार पुलिस ने काॅल सैंटर के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुणे की एक कंपनी के नाम पर यह गोरखधंधा चला रहे थे। 16 युवतियों के सहारे दिन-भर काॅल कर यह गैंग लाखों रूपये की ठगी कर चुका है। पुलिस ने काॅल सैंटर से 15 मोबाइल, आठ सिम, तीन लैपटाॅप और विभिन्न नामों की फर्जी मोहरें बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत को पुणे से शिकायत मिली थी कि एक नंबर से ठगी की गई है। खालापार कोतवाली के निरीक्षक महावीर चैहान की अगुवाई में टीम गठित की गई। जांच के दौरान पता चला कि यह नंबर किसी युवती द्वारा चलाया जा रहा है। पुलिस ने बातचीत की तो युवती ने बताया कि वह मेरठ रोड पर स्काई लाइन से संचालित काॅल सेंटर में जाॅब करती है। पुलिस ने काॅल सेंटर के बारे में साक्ष्य जुटाए तो खुलासा हुआ कि काॅल सेंटर संचालक आहद निवासी अंबा विहार और जुबेर निवासी सरवट ने काॅल सेंटर में 16 युवतियां हायर कर रखी थी, जो पुणे की एक कंपनी का एचआर बनकर बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का ऑफर देती थी। पुणे में कंपनी के ऑफिस बुलाकर उनसे पंजीकरण आदि के नाम पर ढाई से लेकर पांच हजार रूपये वसूल किए जाते थे।
एसपी ने बताया कि बेरोजगार युवकों से ठगी का यह धंधा काफी समय से चल रहा था। इस खेल में पुणे के भी कुछ लोग शामिल है। खालापार पुलिस द्वारा पकड़े गए आहद और जुबेर को एक शिकार से वसूली गई रकम का 20 प्रतिशत हिस्सा मिलता था। एक दिन में इन युवतियों द्वारा सैंकडों काॅल की जाती थी। पुलिस ने फर्जी काॅल सेंटर से काॅलिंग में प्रयुक्त होने वाले 15 मोबाइल, तीन लैपटाॅप, फर्जी मोहरे और अन्य दस्तावेज बरामद हुए है। आरोपियों के तीन बैंक खातों को सीज कराने की कार्रवाई की जा रही है। एसपी प्रजापत ने युवाओं से रोजगार के नाम पर आने वाले फर्जी काॅलों से सावधान रहने की अपील की है।







