-जेई ने पूछने पर दिया अटपटा जवाब, बोले नोटिस बांटने गये कर्मचारी
खतौली। कार्य दिवस पर अगर किसी सरकारी कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटकता मिले तो जनता का चैंकना लाजिमी है। शनिवार को ऐसा ही नजारा खतौली विकास प्राधिकरण कार्यालय में देखने को मिला। पूरे दिन दफ्तर के गेट पर ताला लटका रहा और कामकाज के लिए आए लोग मायूस होकर लौटते रहे।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि पूरे कार्यालय में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। जनता को यह तक बताने वाला नहीं मिला कि कार्यालय क्यों बंद है। आखिर एक सरकारी दफ्तर, जो विकास कार्यों का केंद्र माना जाता है, कार्य दिवस पर यूं कैसे ठप पड़ा रह सकता है? जब इस बारे में जेई राजीव कोहली से सवाल किया गया तो उनका जवाब और भी अटपटा था। उन्होंने कहा कि कार्यालय में सब की अनुपस्थिति में एक कर्मचारी मौजूद रहता है और वह नोटिस बांटने गया हुआ है, इसलिए कार्यालय बंद रहा। अब सवाल यह हैकृकि क्या एक कर्मचारी की अनुपस्थिति में पूरा कार्यालय बंद कर देना जायज़ है? जनता के कामकाज, शिकायतें और फाइलें कौन देखेगा? विकास प्राधिकरण जैसा अहम कार्यालय सिर्फ एक कर्मचारी पर कैसे निर्भर हो सकता है? यह जवाब न केवल गैर-ज़िम्मेदाराना प्रतीत होता है, बल्कि सरकारी व्यवस्थाओं की खामियों को भी उजागर करता है। आखिर जनता किसके दरवाजे पर जाए, जब कार्य दिवस पर ही सरकारी दफ्तर का दरवाजा ताले से बंद हो?






