मुजफ्फरनगर। गांधी कालोनी स्थित राम मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर व्यासपीठ पर विराजमान गंगोत्री तिवारी मृदुल जी महाराज ने गौ माता की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गाय के रोम-रोम में देवताओं का वास होता है। गौ को रोटी या चारा खिलाने से न केवल भगवान गोपाल तृप्त होते हैं, बल्कि हमारे पूर्वज भी संतुष्ट होते हैं।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गोपाष्टमी पर श्री कृष्ण के साथ गौ पूजा का विशेष महत्व है, वहीं पितृ पक्ष में गौ को ग्रास खिलाकर पितरों की मुक्ति की कामना की जाती है। जन्म देने वाली मां कुछ समय तक ही दूध पिलाती है, लेकिन गौ माता जीवन पर्यन्त मानवता को अपने दूध से पोषित करती है। इसके बावजूद कलयुग में गौ हत्या जैसा जघन्य अपराध कहीं न कहीं देखने को मिलता है। महाराज ने कहा कि जिस भारत में करोड़ों लोग गौ व गोपाल की पूजा को सर्वोपरि मानते हैं और गौ रक्षा हेतु कानून की मांग करते हैं, उसी भारत में गौ को राष्ट्रीय पशु का दर्जा नहीं दिया जाता, जबकि पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा देने वाले समलैंगिक संबंध व लिव-इन रिलेशनशिप जैसे कानून तुरंत पारित हो जाते हैं। इस पर देश के बुद्धिजीवियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक गौ हत्या का समूल अंत नहीं होगा, तब तक प्राकृतिक आपदाओं से मानवता को राहत नहीं मिल सकेगी। इस अवसर पर व्यासपीठ से भगवान बाल कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया गया। भजनों की प्रस्तुति पर पंडाल श्रद्धालुओं की तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में सभासद अमित पटपटिया ने सपरिवार व्यास जी का सम्मान किया। इसके अलावा अर्चना शर्मा, हरिमोहन गर्ग, मंजू गुप्ता, वंदना त्यागी, रामबीर सैनी, अभिनंदन त्यागी, राधेश्याम गोयल, ममता, काजल शर्मा, छाया शर्मा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






