मुजफ्फरनगर। जिले में नकली खाद तैयार करने वाले गिरोह के खुलासे के बाद हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके चलते आरोपियों को आसानी से जमानत मिल गई। ये आरोप युवा किसान नेता सुमित मालिक ने किसान दिवस के दौरान लगाए।
बताते चलें कि जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया के नेतृत्व में थाना नई मंडी पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में ग्राम सिलाजुड्डी स्थित श्रीराम एग्रो ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज नामक फर्म से भारी मात्रा में नकली खाद और उपकरण बरामद किए गए थे। मौके से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें फैक्ट्री मालिक रमेश पाल भी शामिल था। छापेमारी के दौरान टीम ने फैक्ट्री से मिक्सिंग मशीन, जेनरेटर, पैकिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, बोरी सिलने वाली मशीन, बुलेरो पिकअप वाहन समेत सैकड़ों बैग नकली उर्वरक, रसायन और विभिन्न नामी कंपनियों के खाली पैकेट व लेबल बरामद किए। आरोपियों पर आईपीएल, इफको और अन्य कंपनियों के नाम पर नकली खाद तैयार कर बाजार में सप्लाई करने का आरोप था।जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में असली बैगों की हूबहू नकल कराई जाती थी और उनमें अपमिश्रित खाद पैक की जाती थी। मौके पर मौजूद इफको कंपनी के प्रतिनिधि ने बरामद बैगों को नकली बताते हुए स्पष्ट किया कि ये उनकी कंपनी की संपत्ति नहीं हैं और कॉपीराइट का उल्लंघन कर प्रिंट कराए गए हैं।मामले में अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन युवा किसान नेता सुमित मालिक ने कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि आरोपियों पर हल्की धाराओं में केस दर्ज किया गया, जिसके चलते उन्हें आसानी से जमानत मिल गई। जबकि यह गिरोह किसानों की जमीन बंजर करने और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी में शामिल था। अगर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया होता, तो आरोपियों को इतनी आसानी से जमानत नहीं मिलती। उनका कहना है कि नकली खाद का यह कारोबार न केवल कृषि को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर रहा है। अब किसान समाज सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।








