किसान दिवस पर बोले डीएम, “ मेरे पास जादू की छड़ी नहीं है, आपसी सहयोग और सुलह से होंगे मामले हल”
मुजफ्फरनगर।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि मेरे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है कि उसे घुमाते ही समस्याओं का समाधान हो जाएगा। समस्याओं का हल तभी संभव है जब किसान प्रशासन को सहयोग देंगे। डीएम बुधवार को आयोजित किसान दिवस में किसानों की समस्याएं सुन रहे थे।
उन्होंने बताया कि जिले में चकबंदी का मामला पिछले 36 वर्षों से लंबित था, लेकिन किसानों के सहयोग से 95 प्रतिशत प्रकरणों का निस्तारण हो चुका है। उसी तर्ज पर अब कुर्रे के मामलों का भी समाधान कराया जाएगा। डीएम ने स्पष्ट कहा कि किसान अपनी समस्या बताएं, तो प्रशासन की पूरी टीम मौके पर जाकर उसका निस्तारण करेगी। उनकी प्राथमिकता आपसी सुलह से विवादों का हल कराने की है।ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले चकरोड से जुड़े विवादों पर जिलाधिकारी ने कहा कि चकरोड किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं है, बल्कि यह सभी के उपयोग के लिए है। इस पर सभी को चलने का समान अधिकार है। उन्होंने घोषणा की कि अब जिले में वाद रहित गांव घोषित करने का अभियान चलाया जाएगा। किसानों ने बैठक में घरौनी और खतौनी संबंधी मामलों को भी प्रमुखता से उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील स्तर पर विशेष डेस्क बनाई जाएंगी, जहां घरौनी और खतौनी से जुड़े प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। बैठक में किसानों ने बिजली की समस्याओं पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी किसान दिवस में उपस्थित नहीं हुए, जिससे उनकी समस्याएं अनसुनी रह गईं। इसके अलावा किसानों ने दुधारू पशुओं में फैल रही बीमारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया।किसान दिवस में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) सहित विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मंच पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के साथ एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज सिंह राठौड़ समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






