खतौली। मिट्टी उपजाऊ हो तो फसल भी सोने जैसी होती है और सेहत भी चमक उठती है। इसी सोच को साकार करने के लिए भारत धारा नेचुरल फार्मिंग प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड की ओर से एक अनोखा शिविर आयोजित किया गया, जिसमें सेहत और खेतीकृ दोनों का संगम देखने को मिला। सोमवार को हुए मुफ्त स्वास्थ्य परामर्श एवं चिकित्सा शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में डा.अशोक सिंह (वी.पी., त्रिवेणी शुगर मिल) पहुंचे। उन्होंने शिविर का अवलोकन करते हुए बड़ी सरलता से बताया कि जीवामृत ही खेत और इंसान दोनों के स्वास्थ्य का राज है। गाय का गोबर, गोमूत्र, बेसन, गुड़ और मिट्टी से बने इस घोल को उन्होंने ‘मिट्टी का अमृत’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जब खेत हरे-भरे होंगे तो भोजन भी पोषक होगा और शरीर भी तंदुरुस्त रहेगा। डा. सिंह ने चीनी उत्पादन की बारीकियों पर भी उपस्थित लोगों को ज्ञानवर्धक जानकारी दी, जिसे श्रोताओं ने ध्यानपूर्वक सुना। शिविर में आयुर्वेदाचार्य डा. प्रशान्त चतुर्वेदी (जयपुर) और अंजली ममगई (देहरादून) ने अपनी आयुर्वेदिक पत्तियों से सैकड़ों मरीजों का निःशुल्क उपचार कर सबका दिल जीत लिया। कार्यक्रम की सफलता में ओमपाल सिंह धामा, अजय जनमेजय, धीरज, बबलू अहलावत, देवेश शर्मा, आदेश सैनी, रामप्रकाश शर्मा (एडीओ), मिंटू सैनी, केशव अग्रवाल, चंद्र प्रकाश अरोड़ा, सुरेन्द्र सिकंदरपुर सहित अनेक कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।






