अध्यक्ष पद को लेकर कई गुटों में बंटा समाज
खतौली। सकल जैन समाज की अध्यक्षता को लेकर विवाद इस कदर बढ़ गया कि मामला हंगामे और पुलिस हस्तक्षेप तक पहुंच गया। मामला बड़ा बाजार स्थित सरफ़ान मंदिर में आयोजित एक बैठक के दौरान उठाए जहां हाल ही में अध्यक्ष घोषित किए गए सुशील जैन की नियुक्ति को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए।
बैठक में जहां एक पक्ष सुशील जैन को समाज का वैध अध्यक्ष मानते हुए समर्थन कर रहा थाए वहीं दूसरा पक्ष रामकुमार जैन को अपना अध्यक्ष घोषित कर बैठक में ही विरोध जताने लगा। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक तीसरा गुट भी सामने आयाए जो दोनों ही दावेदारों को अस्वीकार कर रहा था।विवाद उस समय उग्र हो गया जब बैठक में नियमावली की प्रतियां वितरित की गईं। इस पर अलग.अलग पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई जो देखते ही देखते हाथापाई और अभद्रता में बदल गई। मंदिर परिसर में जमकर हंगामा हुआए और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर कवरेज करने पहुंचे। मीडियाकर्मियों के साथ भी बदसलूकी की गई।हंगामे की सूचना पर पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ाए लेकिन तब तक स्थिति काफी तनावपूर्ण हो चुकी थी। विवाद देर रात तक चलता रहा और अंततः बैठक बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई। सभी पक्ष बिना किसी समझौते के अपने-अपने रास्ते लौट गए। फिलहाल सुशील जैन स्वयं को सकल जैन समाज का अध्यक्ष मानते हुए कार्यभार संभाल रहे हैंए जबकि दूसरा पक्ष उन्हें अध्यक्ष मानने से इनकार कर रहा है। तीसरे पक्ष की नाराजगी से हालात और भी जटिल हो गए हैं। समाज के भीतर इस तरह के विघटन और खुले विवाद से जैन समाज की एकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। समाज के प्रबुद्धजनों ने जल्द ही सर्वसम्मति से समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया है।






