अहम बैठक में अधिकारियों के कसे पेंच
लगातार हो रही बिजली कटौती और ट्रिपिंग की शिकायतों पर रोक लगाने के दिए निर्देश
मुज़फ्फरनगर। जिले में लगातार हो रही बिजली की कटौती, अघोषित ट्रिपिंग और वोल्टेज की समस्या को लेकर शनिवार को विकास भवन के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय सांसद हरेंद्र मलिक, जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल सिंह निर्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और अन्य तकनीकी अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में जन प्रतिनिधियों ने तीखे शब्दों में अधिकारियों को घेरते हुए कहा कि जिले में बिजली आपूर्ति की स्थिति नितांत खराब हो चुकी है। गांवों के साथ-साथ शहर में भी घंटों बिजली गायब रहती है। ट्रिपिंग की वजह से घरेलू उपकरण खराब हो रहे हैं और उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वोल्टेज इतना कम है कि पंखे तक नहीं चलते। सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि जनता परेशान है और अधिकारी सिर्फ फाइलों में समाधान दिखा रहे हैं। अब मौके पर काम दिखाई देना चाहिए।पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि नगर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर ओवरलोड, जले हुए तार और पुरानी लाइनों के कारण आए दिन बिजली बाधित रहती है, लेकिन विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं कर रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने सुझाव दिया कि प्रत्येक गांव में विद्युत कर्मचारियों की ड्यूटी निश्चित की जाए, ताकि समस्या आने पर तुरंत समाधान हो सके।भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने भी कहा कि बिजली विभाग को जनता की पीड़ा समझनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि आप समाधान नहीं कर सकते तो सरकार को बताइए, हम संसाधन उपलब्ध कराएंगे। लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। विद्युत अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है, कई स्थानों पर नई लाइनों का प्रस्ताव भेजा गया है, और स्टाफ की कमी दूर करने के लिए शासन से पत्राचार किया गया है।







