मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा राज्य मंत्री ;स्वतंत्र प्रभारी कपिल देव अग्रवाल ने मुजफ्फरनगर में जीएसटी विभाग से जुड़े रिश्वत प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों को दोषी अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा उद्योगपतियों को भेजे गए नोटिस निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि जिले के एक उद्योगपति से 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगे जाने के गंभीर आरोप राज्य कर अधिकारी हिमांशु पर लगे थे, जिसकी शिकायत इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने की थी। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव एम. देवराजन एवं कमिश्नर नितिन बंसल से बातचीत कर दोषी अधिकारी के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही आईआईए पदाधिकारियों को भेजे गए सभी नोटिसों को निरस्त करने का भी आदेश दिया गया था। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल जिले, बल्कि प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल करती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी सरकार जीरो टाॅलरेंस की नीति पर चल रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार, उत्पीड़न और जन विरोधी कार्यों में लिप्त अधिकारी या कर्मचारी किसी भी स्थिति में बख्शे नहीं जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में व्यापार, उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सहयोगपूर्ण माहौल सुनिश्चित किया जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि योगी सरकार उद्योगजगत को सम्मान देने और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।






