मुजफ्फरनगर। हाइवे स्थित ढाबे पर चाय और दो परांठों के 460 रूपये वसूले जाने के विरोध में संयुक्त विकास शोषित कल्याण संघ से जुडे़ लोगों ने शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर हंगामा किया। पीड़ित से यह लुटाई रोडवेज बस में यात्रा के दौरान हुई। चालक ने ढाबे पर बस रूकी तो नाश्ते के नाम पर मनमानी वसूल की गई। विरोध किया गया तो ढाबा कर्मचारियों द्वारा गाली-गलौज की गई।
दिल्ली-देहरादून हाइवे स्थित ढाबों में खाद्य पदार्थो के नाम पर होने वाली मनमानी वसूली किसी से छिपी नहीं है। खासतौर रोडवेज बसों के रूकने वालो ढाबों पर तो लुटाई अलग ही है। रोडवेज के चालक और परिचालक को दी जाने वाली सुविधा का पूरा हिसाब-किताब यात्रियों की जेब से वसूला जाता है। ऐसे ही वसूली का ताजा मामला सामने आया है। नई मंडी के रथेडी निवासी आशु अलवी मेरठ से सहारनपुर डिपों की बस में मुजफ्फरनगर आ रहे थे। बस चालक ने रास्ते में खतौली बाईपास के स्थित एक ढाबे पर गाडी को रोक लिया। अलवी भी अन्य यात्रियों के साथ बस से उतर गए। उन्होंने पर ढाबे पर चाय के अलावा दो पराठे लिए। जब 460 रूपये का बिल आया तो आशु अलवी ने विरोध जताया तो ढाबा मालिक कर्मचारी भड़क गए। धमकी दी कि यदि पूरा भुगतान नहीं किया तो उसकी फिटनेस कर दी जाएगी। डर की वजह से 460 का भुगतान करके वो वापस बस में सवार हो गए। रास्ते में चेकिंग करते मिले रोडवेज के अधिकारियों को इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। संयुक्त विकास शोषित कल्याण संघ शनिवार को पीड़ित आशु अलवी को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। उनका आरोप था कि फाइव स्टार होटल में एक चाय और दो परांठे की कीमत 460 नहीं होती है। उनकी मांग थी कि संबंधित ढाबा मालिक के खिलाफ कार्यवाही कर पीड़ित को इंसाफ दिलाया जाए। मुमताज, सुरैया, मुन्नी, प्रवेश कुमार, पवन सैनी, ललिता चैधरी, शाहिद, संजय कुमार, विजय कुमर, मुर्तजा, विनीत त्यागी, दीपक कुमार आदि इस दौरान मौजूद रहे।






