मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन का बहादराबाद (उत्तराखंड) में जारी आंदोलन अब और तेज होने जा रहा है। भाकियू ने आगामी 28 अगस्त को बहादराबाद में महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया है। महापंचायत में देश भर से किसान पहुंचेंगे और वहीं से आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। यह जानकारी भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शनिवार को शहर में आयोजित एक निजी समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।टिकैत ने बताया कि हाल ही में उत्तराखंड सरकार से वार्ता करने के लिए किसान जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बहादराबाद में रोकने का प्रयास किया। इस दौरान हालात बिगड़ गए और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। तभी से भाकियू कार्यकर्ता बहादराबाद में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि 28 अगस्त को होने वाली महापंचायत किसान आंदोलन की दिशा और दशा तय करेगी तथा इसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने बिहार के चुनावों में उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी ब्लाॅक स्तर तक के चुनावों में धांधली हुई है। दुख की बात यह है कि किसानों और आम जनता की आवाज कहीं सुनी नहीं जा रही। टिकैत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि देश का उप राष्ट्रपति तक हटाए जाने के बाद से लापता है।
जब इस स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं है, तो आम आदमी की सुनवाई कौन करेगा। भाकियू प्रवक्ता के अनुसार, किसानों का यह आंदोलन केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर इसे व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।






