साइबर सेल द्वारा पेंशनर्स को साइबर अपराध से बचाने को हुई जागरूक गोष्ठी में आए दिलचस्प किस्से
एसपी क्राइम इंदू सिदार्थ की अनूठी पहल, प्रदेश में पहली बार हुई पेंशनर्स को जागरूक करने की मुहिम
मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम थाना पुलिस द्वारा साइबर अपराध से बचाने के लिए सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों की बुलाई जागरूक गोष्ठी में ठगी के प्रयास के कई दिलचस्प किस्से सामने आएं है। एक पेंशनर्स ने खुलासा कि अक्सर उनके पास ठगी के फोन आते है, वो हर बार फोन सर्विलांस पर होने की बात कहकर उनके तोते उड़ा देते है। इसके बाद फोन कटने पर देर नहीं लगती है। यही नहीं पंडित, मौलवी, बैंक अधिकारी आदि फोन करने वालों की भरमार रहती है। साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर सुल्तान सिंह ने पेंशनर्स को साइबर ठगी से बचाव के टिप्स बताते हुए उनकी शंकाओं को भी दूर किया। पुलिस अधीक्षक अपराध इंदू सिदार्थ की पहल पर पहली बार पेंशनर्स को जागरूक करने की मुहिम शुरू की गई है। एसपी सिदार्थ का मानना है कि सीनियर सिटीजन साइबर ठगों के निशाने पर रहते है। ऐसे में उन्हें जागरूक करना जरूरी है। इसी कड़ी में जिला पंचायत सभागर में पेंशनर्स को साइबर अपराध से बचाने के लिए जागरूक गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें जनपद के समस्त विभागों के पेंशनर्स बड़ी संख्या में शामिल हुए। साइबर क्राइम थाना प्रभारी सुल्तान सिंह ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता जरूरी है। इसलिए समाज के हर तबके को जागरूक किया जा रहा है। डिजीटल अरेस्ट क्या बला है और किस तरह के प्रपंच से फंसाया जाता है, इस बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि ठगी के लिए नए-नए हथकंडों को इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए अनजान काॅल उठाने से परहेज करें।
कोषाधिकारी श्रुति गुप्ता ने बताया कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। पेंशनर्स सबसे टारगेट होते है। एसपी क्राइम इंदू सिदार्थ ने उन्हें यह सलाह दी थी। इसी कड़ी में पेंशनर्स को जागरूक किया गया है। ओटीपी, पिन नंबर शेयर न करने और किसी तरह के लालच में न आने की सलाह दी गई है। उप निरीक्षक गौरव, कोषागार के मुख्य कैशियर जयवीर सिंह, कैशियर शिवकुमार और लेखाकार सच्चा सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।







