मुजफ्फरनगर।समाजवादी महिला सभा उत्तर प्रदेश की जिलाध्यक्ष सुषमा सैनी के नेतृत्व में महिलाओं ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी के मामलों की जांच कर लोकतंत्र की रक्षा करने की मांग की गई।
समाजवादी महिला सभा ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग लगातार अपनी निष्पक्षता और विश्वसनीयता खो रहा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी लाखों मतदाताओं के वोट फर्जी तरीके से चोरी किए गए, मृतक या लापता बताकर नाम काटे गए, जिसकी शिकायत समाजवादी पार्टी ने 18 हजार शपथपत्रों के साक्ष्यों के साथ आयोग को दी थी। बावजूद इसके, चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला सभा ने आरोप लगाया कि मतदान के दिन शाम 5 बजे के बाद आश्चर्यजनक रूप से बढ़े मतदान की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे बूथ लूट और धांधली का संदेह गहराता है। ज्ञापन में कहा गया कि यह स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता सवालों के घेरे में है। इसके अलावा, ज्ञापन में एसआईआर के नाम पर 65 लाख से अधिक मतदाताओं, खासकर पिछड़े वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के वोट काटे जाने का आरोप लगाया गया। सभा ने कहा कि विपक्षी मतदाताओं को चिन्हित कर सुनियोजित तरीके से वोट चोरी की जा रही है, जबकि चुनाव आयोग इन शिकायतों पर आंख मूंदे बैठा है।इस अवसर पर सभा की जिलाध्यक्ष सुषमा सैनी के साथ प्रियांशी, सत्लेश, निक्की, पूनम, रुचि, मानसी, सोनिका पाल, प्रभा यादव, गुलाफशा समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।







