खतौली। श्राद्ध पक्ष की शुरुआत के साथ ही नगर पालिका परिषद खतौली द्वारा प्रस्तावित भजन संध्या कार्यक्रम पर विवाद खड़ा हो गया है। परंपरागत मान्यता के अनुसार, श्राद्ध पक्ष के 16 दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। यह समय केवल पितरों को समर्पित होता है। नगर पालिका परिषद की ओर से कस्बे में चल रहे मेला छड़ियों के अंतर्गत गोगा जाहरवीर मंदिर पर सोमवार की संध्या को भजन संध्या आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन इस आयोजन को लेकर ही आपत्तियाँ सामने आने लगी हैं। पालिका के कई सभासदों का कहना है कि जब गोगा जाहरवीर मंदिर पर नियमित पूजा-अर्चना अब समाप्त हो चुकी है, तो इस समय भजन संध्या का कोई औचित्य नहीं है। साथ ही, श्राद्ध पक्ष में शुभ कार्य आयोजित करना परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के विपरीत है।
जानकारी के अनुसार, यह भजन संध्या पहली बार नगर पालिका परिषद की ओर से आयोजित की जानी थी। इससे पहले किसी भी वर्ष ऐसा आयोजन नहीं किया गया। विभिन्न सभासदों के विरोध के बाद अब नगर पालिका परिषद स्वयं अपने फैसले पर पुनर्विचार कर रही है। पितृ पक्ष में भजन संध्या के आयोजन का विरोध करने वाले सभासदों में प्रमुख रूप से अमित चौधरी, बालेंद्र कुमार, रमेश पंडित, विशाल तोमर, कपिल मथला, संतोष गुर्जर, सौरभ जैन, अजय भुर्जी, अमित त्यागी, असद खान, शालू, हाजी वसीम, मास्टर सत्र आते श्याम, डॉक्टर हारून, मोहम्मद आशु आदि शामिल हैं।






