मुजफ्फरनगर। हिंदू संघर्ष समिति द्वारा आगामी 7 दिसंबर को शुकतीर्थ स्थित हनुमत धाम में आयोजित होने वाली सनातन धर्म संसद की तैयारियां चरम पर हैं। रेशू विहार में उद्यमी सत्यप्रकाश रेशू के निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार भव्य रूप में होने जा रहा है, जिसमें देश–विदेश से पांच हजार से अधिक लोग, तथा 100 से अधिक महामंडलेश्वर और संत शामिल होंगे।
समिति ने जानकारी दी कि धर्म संसद का शुभारंभ रविवार प्रातः 10 बजे दीप प्रज्वलन, शंख वादन और मंत्रोच्चार के साथ होगा। भारत सरकार के राजपुरोहित डॉ. सीतारमण रमा शास्त्री समेत कई प्रमुख संत, विचारक, लेखक, कवि, पत्रकार, समाजसेवी, उद्यमी, किसान और मजदूर वर्ग के प्रतिनिधि इस आयोजन में उपस्थित रहेंगे। हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार ने बताया कि लगभग 38 हिंदू संगठनों ने तन–मन–धन से धर्म संसद का समर्थन किया है। संरक्षक ललित मोहन शर्मा ने कहा कि एकता में शक्ति है, इसलिए पूरे देश से भारी संख्या में समर्थक शुकतीर्थ पहुंचेंगे।समाजसेवी देवराज पवार के अनुसार गांव–गांव से अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। वहीं अमित गुप्ता ने कहा कि देश को अराजकता से बचाना ही हम सबका धर्म है।सत्यप्रकाश रेशू ने बताया कि बाहर से आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए रहन–सहन, भोजन, सुरक्षा और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन को एलआईयू के माध्यम से सूचना दी जा चुकी है और उच्च अधिकारियों से भी शीघ्र मुलाकात होगी। उन्होंने कहा कि धर्म संसद के मुख्य उद्देश्य घर वापसी, कौशल विकास, नारी उत्थान, देशभक्ति, जनसंख्या नियंत्रण, गौ संरक्षण और सनातन बोर्ड का गठन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। अरुण प्रताप ने कहा कि देश को आतंकवाद से मुक्त कर बहुमुखी विकास की दिशा में ले जाना ही सनातन धर्म संसद का लक्ष्य है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यह धर्म संसद नई पीढ़ी को देश के चहुंमुखी विकास से जोड़ने का संकल्प लेकर आयोजित की जा रही है, ताकि भविष्य में भारत विश्व शक्ति के रूप में स्थापित हो सके। वार्ता में सत्यप्रकाश रेशू, पूनम चौधरी, देवराज पंवार, ललित मोहन शर्मा, बिट्टू सिखेड़ा, अमित गुप्ता, सुभाष चौहान, नरेंद्र पंवार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।






