मुजफ्फरनगर। शहर के प्रतिष्ठित शकुंतलम पैलेस में चल रही शिव महापुराण कथा को बुधवार को भक्ति भाव और श्रद्धा के साथ विश्राम दिया गया। इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और वातावरण हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
कथा वाचक मृदुल तिवारी जी ने शिव महापुराण की विभिन्न कथाओं और प्रसंगों का अत्यंत मधुर और प्रभावशाली शैली में वाचन किया। उन्होंने भगवान शिव के जीवन, उनके उपदेशों, पार्वती विवाह, शिव तांडव और शिव भक्ति के विविध प्रसंगों को इतनी सरलता और भावनाओं से प्रस्तुत किया कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कथा व्यास गंगोत्री तिवारी ‘मृदुल’ जी महाराज ने इस अवसर पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के प्राकट्य, पंचाक्षर मंत्र ‘ऊॅं नमः शिवाय’ की महिमा और कथा श्रवण के पुण्यफल का विस्तार से वर्णन किया। व्यास जी ने कहा कि सावन का तात्पर्य ही “श्रवण“ है। इस पावन मास में जो श्रद्धालु भगवान शिव की कथा का श्रवण, शिवलिंग का पूजन और बेलपत्र अर्पण करते हैं, उन पर भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं। उन्होंने बताया कि बेलपत्र अर्पण करने से तीन जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और साधक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। व्यास जी ने प्रसंग सुनाते हुए बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने भी रामेश्वरम पुल निर्माण के समय अपने इष्ट भगवान शिव की आराधना कर लंका विजय प्राप्त की थी। आज भी रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के रूप में भोलेनाथ अपने भक्तों को कृपा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिसने सच्चे मन से महादेव की पूजा की, उसके सभी ग्रह शांत हो जाते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र की महिमा बताते हुए कहा कि यह मंत्र असाध्य रोगों और अकाल मृत्यु जैसे दोषों से मुक्ति दिलाने में सक्षम है। कथा के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर बिजेंद्र और रजनी ने सपरिवार व्यास जी का विधिवत पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में मोनिका, सरिता, अनीता, सीमा सैनी, रजनी गर्ग, छाया शर्मा, कृष्णा गोयल, हरिमोहन गर्ग, राधेश्याम सैनी, नीलम, तमन्ना, रश्मि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।








