खतौली। खतौली गंगनहर पर मिली काम वाली ममता हत्याकाण्ड का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। प्रेमी संदीप ने ‘वो’ के शक में अपनी प्रेमिका की हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंकने का प्रयास किया था। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदीप की गिरफ्तारी हुई तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी का कहना था कि महिला अपने नाती के नामकरण के नाम पर पांच लाख रूपये देने का भी दबाव बना रही थी।
खतौली क्षेत्र में नहर पटरी पर बालाजी मंदिर के समीप एक महिला का शव मिला था, जिसकी शिनाख्त ममता ;45वर्षद्ध, पत्नी कृष्णपाल उर्फ कालिया, निवासी होली चैक के रूप में हुई थी। एससपी संजय वर्मा और एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने घटनास्थल का अवलोकन कर हत्याकाण्ड के खुलासे के लिए विशेष टीम गठित की थी। पुलिस ने शक के दायरे में आये ममता के करीबी संदीप के खिलाफ साक्ष्यों का संकलन शुरू किया तो पूरी तस्वीर साफ होती चली गई।
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि ममता और संदीप के बीच काफी समय से रिश्ते थे। 10 जनवरी को आरोपी ने ममता को फोन करके अपने घर बुलाया था और बाद में उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी थी। पूरे चेहरे पर टेप लगाने के बाद आरोपी ममता की लाश को रेहड़े में रखकर गंगनहर पटरी पर ले गया था। आरोपी संदीप का इरादा लाश को नहर में फेंकने का था, लेकिन डर की वजह से लाश पटरी में ही फंस गई थी। आरोपी संदीप ने पूछताछ में बताया कि उसे शक था कि ममता के किसी दूसरे पुरुष से भी रिश्ते भी थे। इसी बात को लेकर उनमें अनबन भी होती थी। यही शक ममता के कत्ल की वजह भी बना। एसएसपी के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि हाल में ही उसने 16 लाख रूपये में एक प्लाट बेचा था।उसके बाद से ही ममता उस पर पांच लाख रूपये देने का दबाव बना रही थी। मुझे शक था कि वो किसी दूसरे से भी जुड़ी है और उससे सिर्फ धन ऐंठना चाहती है। कत्ल से पहले नशीली चाय पिलाकर ममता को बेहोश कर दिया था। इसके बाद उसकी छाती पर बैठकर उसके नाक और मुंह को दबा दिया था। जब तक उसका छटपटाना बंद नहीं हुआ तब तक वो उसके मुंह और नाक को दबाये बैठा रहा।
उन्होनें बताया कि मृतका अपने पीछे दो बेटियों को बिलखता छोड़ गई है। एसएसपी ने सीओ खतौली राम आशीष यादव और इंस्पेक्टर दिनेश बघेल समेत अन्य पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।






