मुजफ्फरनगर। जनपद में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार द्वारा की रही उपेक्षा से आक्रोशित पश्चिमांचल विकास परिषद ने सोमवार को मीडिया सेंटर पर वार्ता करते हुए कई मांगे रखी और मांगे पूरी न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दे डाली।
मीडिया सेंटर पर वार्ता करते हुए पश्चिमांचल विकास परिषद के अध्यक्ष नितिन स्वामी ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण के विभिन्न कारण है, जिनमें एक बड़ा कारण कूड़ा कचरा सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का कूड़ा पश्चिमांचल में जलाया जा रहा है, जिस कारण समस्या बढ़ती जा रही है। आरडीएफ के नाम पर पश्चिमांचल को कूड़ा क्षेत्र बनाया जा चुका है। मुजफ्फरनगर एनसीआर का हिस्सा होते हुए भी भेदभाव झेल रहा है। यहां की हिंडन व सहायक नदिया गंभीर संकट में है और भूमिगत जल भी प्रदूषित हो चुका है, जिसका परिणाम कैंसर, काला पीलिया, चर्म रोग इत्यादि के रूप में सामने आ रहा है। अब पश्चिमांचल की लड़ाई एक एक्यूआई से नहीं, बल्कि डब्ल्यूक्यूआई से भी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के चलते पलायन चल रहा है और गांव खाली हो रहे है। उन्होंने कहा कि पश्चिमांचल सबसे अधिक टैक्स भरता है, बावजूद इसके पश्चिमांचल में आ तक एम्स, कैंसर हाॅस्पिटल, मेडिकल काॅलेज नहीं है। अगर सरकार ने इस ओर जल्द से जल्द कदम नहीं उठाया तो पश्चिमांचल विकास परिषद जल्द आंदोलन का रास्ता चुनेगी।








