मुज़फ्फरनगर। नगर पालिका परिषद में कार्यरत सफाई कर्मचारी इन दिनों गंभीर वेतन संकट से जूझ रहे हैं। समय पर वेतन का भुगतान न होने से सैकड़ों कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के कारण घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना बेहद कठिन हो गया है।
कर्मचारियों की समस्याओं की एक प्रमुख वजह सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव लंबे समय से न होना बताई जा रही है। संघ का कार्यकाल समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन द्वारा अब तक नए चुनावों की घोषणा नहीं की गई है। इसके चलते कर्मचारियों की समस्याओं को उठाने और प्रशासन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने वाला कोई संगठित मंच मौजूद नहीं है। सफाई कर्मचारियों के अनुसार, पूर्व में संघ के माध्यम से वेतन भुगतान, एरियर, अवकाश एवं अन्य सुविधाओं से जुड़े मामलों का समाधान समय पर हो जाया करता था, लेकिन वर्तमान में संघ के निष्क्रिय होने से वेतन संबंधी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कर्मचारियों ने बताया कि विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा कई बार नगर पालिका प्रशासन और अधिशासी अधिकारी से संघ चुनाव कराए जाने की मांग की गई, ताकि रुके हुए वेतन सहित अन्य लंबित समस्याओं का समाधान हो सके, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि सफाई कर्मचारी वर्ग समाज के अपेक्षाकृत कमजोर वर्ग से आता है और इसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी वाल्मीकि समाज से संबंधित हैं। ऐसे में वेतन न मिलना और उनकी समस्याओं की अनदेखी किया जाना सामाजिक एवं संवैधानिक दृष्टि से भी गंभीर विषय माना जा रहा है। सफाई कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर उनके रुके हुए वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए तथा सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव शीघ्र आयोजित किए जाएं, ताकि कर्मचारियों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। कर्मचारियों ने जिला अधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर वेतन संकट के समाधान की अपील की है।






