मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड स्थित एक बैंकट हॉल में वीरांगना झलकारी बाई कोरी एकता मंच के तत्वावधान में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान क्रांतिकारी वीरांगना झलकारी बाई कोरी की 195वीं जयंती के अवसर पर “क्रांति की झलक झलकारी” शीर्षक से एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोरी/भूईयार समाज सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेन्द्र कश्यप रहे। उनके साथ मीरापुर विधायक के प्रतिनिधि अमरनाथ पाल, वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप, उमेश मलिक, यशपाल सिंह सोम सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि नरेन्द्र कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि वीरांगना झलकारी बाई का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। आज की पीढ़ी को उनके बलिदान और संघर्ष से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झलकारी बाई ने यह सिद्ध किया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और समाज को उनके योगदान को पाठ्यक्रम एवं जनचेतना का हिस्सा बनाना चाहिए।कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों ने भी वीरांगना झलकारी बाई के जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डाला तथा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके शौर्य और बलिदान को स्मरण किया। कार्यक्रम का संचालन मोहित कुमार एडवोकेट ने किया, जबकि अध्यक्षता रामनिवास कोरी ने की। इस अवसर पर सदन कोरी, धर्मेन्द्र कोरी, जितेन्द्र कोरी, रोहित कोरी, अभिषेक कोरी, राकेश कोरी, रजनीश कोरी, वेदपाल भूईयार, राजपाल भूईयार, प्रदीप भूईयार, श्रीमती रश्मि कोरी, शुभम कोरी, हन्नी कोरी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।विचार गोष्ठी में मुजफ्फरनगर के साथ-साथ मेरठ, बागपत और शामली जनपदों से आए लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण के संदेश के साथ संपन्न हुआ।








