मुजफ्फरनगर। कथावाचक मृदुल तिवारी जी महाराज ने कहा कि युवा वर्ग रील की लाइफ के बजाए रियल की लाइफ जीने का काम करें, क्यांेकि रील की लाइफ की कोई वैल्यू नहीं है। हरियाणा की माॅडल के लाखों फालोवर थे, मगर अंतिम समय में कंधा देने वाला कोई नहीं मिला। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग बड़े स्तर पर भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म से खुद को जोड़ रहा है। शांकुतलम पैलेस में शिव महापुराण कथा के समापन पर ‘अभी तक’ न्यूज चैनल से खास बातचीत में कथावाचक कथावाचक मृदुल तिवारी ने कहा कि सावन माह में महापुराण के श्रवण से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा होती है। युवाओं के भटकाव के सवाल पर तिवारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति को अंगीकार करने में विदेशी भी पीछे नहीं है। कुछ फिल्मों की वजह से युवा वर्ग पथ भ्रष्ट हुआ है, लेकिन अब धीरे-धीरे वो खुद को सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति से जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रील के बजाए रियल लाइफ की तरफ बढ़ना चाहिए, क्योंकि रील की लाइफ छलावे के अलावा कुछ नहीं है। रील की लाइफ में लाखों लोग तो जुड़ते है। जीवन में व्यक्ति से ज्यादा उसके व्यक्तित्व की ज्यादा पहचान होती है। जीवन में मोबाइल, इंटरनेट और सोशल साइट का अपना अलग महत्व है, उसे नकारा नहीं जा सकता है। इनका सकारात्मक प्रयोग कर इस क्रांति से जुड़ना अच्छा है, लेकिन उसका दुरूपयोग गलत है। देवताओं ने शक्तियों को प्रयोग सही काम के लिए किया है, जबकि असुरों ने उन शक्तियों का गलत दिशा में प्रयोग किया, जिस कारण उनका सर्वनाश हुआ है। कथावाचक तिवारी ने कहा कि कुछ लोग कालनेमी बनकर सनातन धर्म को भ्रष्ट करने की साजिश रच रहे है, लेकिन वो अपनी साजिशों में कामयाब नहीं होंगे।






