मुजफ्फरनगर। जमीयत उलमा-ए-हिंद, जिला मुजफ्फरनगर ने जनपद के कई थाना क्षेत्रों में मस्जिदों की छतों से लाउडस्पीकर हटाने की पुलिस कार्रवाई पर विरोध जताया है। संगठन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से तुरंत रोक लगाने और उचित प्रक्रिया अपनाने का अनुरोध किया है।
जमीयत उलमा के जिला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली कासमी ने बताया कि शहर मुजफ्फरनगर, बुढाना, खतौली, पुरकाजी, जानसठ और चरथावल में पुलिस प्रशासन द्वारा अचानक और बिना पूर्व सूचना, नोटिस या लिखित आदेश के मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि कई स्थानों पर पुलिस सीधे मस्जिद में पहुँचकर दबाव बना रही है, जबकि ध्वनि सीमा का पालन वर्षों से हो रहा है। कासमी ने बताया कि आज सुबह मदनी चैक स्थित मदीना मस्जिद में मुअज्जिन मौ. इरफान के साथ कच्ची सड़क चैकी के इंचार्ज ने दुव्र्यवहार किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उन्होंने इस घटना के लिए चैकी प्रभारी को निलंबित करने और इंचार्ज पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। जमीयत उलमा ने प्रशासन से कहा है कि किसी मस्जिद से लाउडस्पीकर हटाने से पहले मस्जिद कमेटियों को लिखित सूचना दी जाए और संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि थाना प्रभारियों को बिना आदेश और बिना लिखित प्रक्रिया के कठोर कदम नहीं उठाने के निर्देश दिए जाएँ। कासमी ने कहा कि जमीयत उलमा हमेशा से कानून-व्यवस्था, सामाजिक सद्भाव और जिले में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रही है।







