आगरा में पकडे़ गए नकली दवाओं के नेटवर्क से जुड़े मुजफ्फरनगर के तार
ड्रग्स इंस्पेक्टर ने कराई एफआईआर, तरूण गिरधर दबोचा, तीन दवा व्यापारी अभी फरार
मुजफ्फरनगर। आगरा में पकडे गए नकली दवाओं के कारोबार से मुजफ्फरनगर के तार जुड़ गए है। साढ़े तीन करोड़ की नकली दवाएं खरीदकर मार्किट में उतारने वाले दवा कारोबारी तरूण गिरधर, उनके पाटर्नर समेत चार लोगों को आरोपी बनाया गया है। नई मंडी पुलिस ने कारोबारी गिरधर को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपी आगरा के रहने वाले है, जिनसे यह दवाएं खरीदी गई है।
वेस्ट यूपी में दवाओं का कभी बड़ा बाजार रहा मुजफ्फरनगर नकली दवाओं को लेकर सुर्खियों में रहता है। ताजा मामला आगरा में पकड़ी गई नकली दवाओं से जुड़ा सामने आया है। आगरा में बडे़ पैमाने पर नकली दवाओं का भंडाफोड़ हुआ था, जिसके बाद से ही प्रदेश भर में जांच पड़ताल का काम चल रहा है। इसी कड़ी में बस्ती मंडल के सहायक आयुक्त नरेश मोहन दीपक, सहारनपुर मंडल सहायक आयुक्त औषधि दीपा लाल और औषधि निरीक्षक मुजफ्फरनगर पवन कुमार शाक्य की अगुवाई में जांच टीम ने गांधी काॅलोनी स्थित आयुष मैडिकोज पर छापेमारी की। इस दौरान लॅपटाॅप, दस्तावेज और दवाएं जब्त की। जांच पड़ताल में पता चला कि आयुष मैडिकोज के संचालक तरूण गिरधर ने अपने आगरा स्थित बंसल मेडिकल एजेंसी से साढे़ तीन करोड़ रूपये कीमत नकली एलेग्रा टैबलेट और कोलोस्ट्राल के उपचार के लिए दी जाने वाली टैबलेट रोजोवाश खरीदी थी। छापे के दौरान किसी तरह की दवाएं न मिलने के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि ये नकली दवाएं सप्लाई कर दी गई है। जाहिर है कि नकली दवाएं मरीजों के हलक में उतारी जा चुकी है। जांच पड़ताल के बाद औषधि निरीक्षक पवन शाक्य ने दवा कारोबारी तरूण गिरधर और आगरा के तीन कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। सीओ नई मंडी राजू साव ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी कारोबारी तरूण गिरधर को गिरफ्तार कर लिया गया है।






