खतौली। जिले के गांव सिंघानी स्थित लक्ष्मणपुरा की ढाणी की महिला शिक्षक मनीषा हत्याकांड की गूंज अब गांव से निकलकर शहर-शहर तक पहुंच गई है। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और खतौली गंग नहर से घंटाघर तक कैंडल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च जिला अध्यक्ष दिनेश बावरा व गौरव तेजियान के नेतृत्व में निकाला गया। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर मोमबत्तियां जलाकर मनीषा को श्रद्धांजलि दी और उत्तराखंड सरकार व पुलिस-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। मनीषा बहन के हत्यारों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया। यह पुलिस की नाकामी है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और सरकार चुप बैठी है। हम दोषियों को फांसी की सजा दिलाने तक आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कैंडल मार्च निकालकर इंसाफ की मांग उठाई। भीड़ ने एक सुर में कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। आरोप लगाया है कि मनीषा का 11 तारीख को अपहरण हुआ। 13 तारीख को मौत के बाद कई अस्पतालों में पोस्टमार्टम हुआ। तीन बार पोस्टमार्टम कराने के बाद करीब 8 दिन बाद अंतिम संस्कार हुआ। लोगों ने सवाल किया कि आखिर न्याय मिलने में इतनी देरी क्यों की गई। आजाद समाज पार्टी जिलाध्यक्ष दिनेश बावरा ने कहा मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन जनता से माफी मांगे। परिवार को प्रशासन द्वारा दबाव और उत्पीड़न झेलना पड़ा। अगर पीड़िता उच्च जाति की होती तो 2 घंटे में अपराधियों की गिरफ्तारी हो जाती। लोगों ने बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर आरोपी बचाए गए तो आंदोलन और तेज होगा। गौरव तेजियान ने कहा जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी कर उन्हें फांसी नहीं दी जाती, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं। यह केवल मनीषा का नहीं बल्कि पूरे समाज की बेटी का मामला है।






