मुज़फ्फरनगर। भोपा क्षेत्र में स्थित नहर पुल से लगातार हो रही आत्महत्या की घटनाओं ने प्रशासन और समाज दोनों को चिंतित कर दिया है। इन दुखद घटनाओं में अधिकांश पीड़ित युवाओं का होना सामाजिक दृष्टि से अत्यंत गंभीर विषय बन गया है। इसी को लेकर भोपा निवासी एवं समाजसेवी अरविन्द अहलूवालिया ने आत्महत्याओं की रोकथाम के लिए एक सराहनीय पहल की है।
समाजसेवी अरविन्द अहलूवालिया ने जिलाधिकारी कार्यालय में पत्र देकर भोपा नहर पुल पर सुरक्षा अवरोध लगाए जाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने अपने पत्र में बताया कि नहर पुल से बार-बार हो रही घटनाओं के कारण न केवल अमूल्य मानव जीवन की क्षति हो रही है, बल्कि क्षेत्र में भय और मानसिक तनाव का वातावरण भी बन रहा है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि वह अपने निजी व्यय से भोपा नहर पुल पर लोहे के एंगल और जाली लगवाना चाहते हैं। प्रस्तावित सुरक्षा संरचना पुल की ऊँचाई से लगभग चार फुट ऊपर तक होगी, जिससे किसी भी व्यक्ति द्वारा नहर में छलांग लगाना संभव न हो सके और इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। चूंकि यह कार्य सार्वजनिक संरचना से जुड़ा है, इसलिए समाजसेवी ने जिलाधिकारी से पूर्व अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा कार्य पूर्णतः जनहित में किया जाएगा। इसके साथ ही अरविन्द अहलूवालिया ने सामाजिक और मानसिक जागरूकता की दिशा में भी कदम उठाने की योजना साझा की है। उन्होंने भोपा एवं आसपास के विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक, मार्गदर्शनात्मक और जीवन-मूल्य आधारित कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है, ताकि युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित हो और आत्मघाती प्रवृत्तियों पर रोक लग सके।समाजसेवी ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही है, जिससे समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन इस जन हितकारी प्रस्ताव पर कितनी शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेता है, जिससे भोपा नहर पुल को आत्महत्या की घटनाओं से मुक्त किया जा सके और अनेक जिंदगियों को बचाया जा सके।






