मुजफ्फरनगर। उत्तर भारत के साथ-साथ जनपद मुजफ्फरनगर में भी पिछले करीब बीस दिनों से कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर जारी है। शुक्रवार को भी मौसम में कोई सुधार नहीं हुआ और पूरा जिला घने कोहरे की चपेट में रहा। शीतलहर के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आया।
कड़ाके की ठंड और कम दृश्यता के कारण सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही बेहद कम रही। बाजार, मुख्य मार्ग और गलियां दिनभर सन्नाटे में डूबी रहीं। जो लोग अत्यावश्यक कार्यों से घरों से बाहर निकले, वे गर्म कपड़ों, जैकेट, टोपी और मफलर में लिपटे हुए दिखाई दिए। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंड से बचाव के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह लोग अलाव जलाकर ठिठुरन से राहत लेते नजर आए। सुबह और शाम के समय ठंड का असर और अधिक बढ़ गया, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास सतर्कता बरतनी पड़ रही है। मौसम की मार को देखते हुए एहतियातन जिले के सभी स्कूल और कॉलेज बंद चल रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को ठंड से राहत मिली है। हालांकि लंबे समय से जारी शीतलहर के कारण दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों और छोटे व्यापारियों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड और कोहरे से जल्द राहत मिलने की संभावना कम है। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, गर्म कपड़ों का प्रयोग करें और ठंड से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाएं।







