खतौली। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अपने पुराने तेवर दिखाते हुए खतौली तहसील पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। किसानों की समस्याओं को लेकर शुरू हुआ यह धरना दूसरे दिन समाप्त हो गया। एसडीएम राजकुमार भारती, बिजली विभाग एक्शन देवेंद्र कुमार और ब्लॉक बीडीओ ज्योति चावला ,सीओ राम आशीष यादव, पीडब्ल्यूडी से सुशील कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का निस्तारण आठ दिन में कर दिया जाएगा। धरने पर बैठे किसानों ने कई अहम समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। इनमें प्रमुख मांगें थीं स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं।बिजली विभाग द्वारा रातभर छापेमारी पर रोक लगे। बुढ़ाना एवं बुआड़ा रोड अंडरपास में जलभराव की समस्या दूर हो। जल निगम द्वारा गांवों में तोड़ी गई सड़कों को सही किया जाए। खतौली तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त हो।खसरा-खतौनी में गड़बड़ी खत्म हो और लेखपालों द्वारा रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाया जाए। धरना स्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं पर कार्रवाई की जाएगी। अंडरपास में पानी की निकासी की समस्या का तत्काल निस्तारण कराया गया, जबकि अन्य मुद्दों के लिए आठ दिन का समय मांगा गया।धरना प्रदर्शन में भाकियू के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस अवसर पर एनसीआर उत्तर प्रदेश प्रभारी कपिल सोम, प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक घटायन, चेयरमैन श्यामपाल, दीपांकर चौहान, ललित त्यागी, जुल्फिकार छोटा, प्रमोद अहलावत, संजीव राठी, रंधोल राठी, विदेश मोतला, अंकुश प्रधान समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।धरने की अध्यक्षता सुखलाल सिंह नंगली ने की तथा संचालन प्रमेंद्र ढाका और सचिन चौधरी ने संयुक्त रूप से किया।धरने के दूसरे दिन मुख्य रूप से कपिल सोम, प्रदेश महासचिव योगेश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज पहलवान, राजवीर सिंह गुर्जर, , विष्णु गिरी, ललित त्यागी, दीपांकर चौहान, विदेश मोतला, रंधोल राठी, प्रमोद अहलावत, सन्नी सोम, आशू त्यागी, कय्यूम अंसारी, आशू प्रधान नंगली, मुजमिल राणा, खड़क सिंह सैनी, दीपक सैनी, प्रभात सैनी, राकेश चौधरी, प्रवेज प्रधान, टीटू राठी, बिट्टू प्रधान आदि किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे धरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इनमें एसडीएम खतौली, अधिशासी अभियंता विद्युत, सीओ खतौली, नायब तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी शामिल रहे।






