मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के जिला अध्यक्ष चौधरी अक्षय त्यागी (अक्षु) के नेतृत्व में संगठन ने 28 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित दो अलग-अलग ज्ञापन जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को सौंपे।
पहले ज्ञापन में संगठन ने देश के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर गंभीर सवाल उठाए। किसानों ने कहा कि उपराष्ट्रपति ने 23 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था, जबकि उसी दिन उन्होंने राज्यसभा की कार्यवाही भी पूरी की थी। इसके बाद से न तो उनका कोई सार्वजनिक बयान आया और न ही उनके परिवार का। किसानों का आरोप है कि संभवतः किसानों के पक्ष में बोलने की वजह से उनसे जबरन इस्तीफा लिया गया और उन्हें नज़रबंद या हिरासत में रखा गया। यूनियन ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि उपराष्ट्रपति से संबंधित समस्त जानकारी शीघ्र सार्वजनिक की जाए, ताकि किसानों की आशंकाएँ दूर हो सकें।
दूसरे ज्ञापन में यूनियन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान किसानों को मिलने वाली नीम-लेपित यूरिया खाद के दुरुपयोग की ओर दिलाया। किसानों ने आरोप लगाया कि जनपद की फैक्ट्रियों में तकनीकी ग्रेड यूरिया की जगह किसानों के लिए आई नीम-लेपित यूरिया का उपयोग हो रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा जोली रोड स्थित त्रिवेणी ग्रुप की डिस्टलरी पर जांच की गई, जहां सैंपल रिपोर्ट में नीम-लेपित यूरिया का उपयोग सामने आया। यूनियन ने मांग की कि इस मामले में फैक्ट्री प्रशासन को सैंपल दोबारा जांचने की अनुमति न दी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो मजबूरी में यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाएगी, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार व प्रशासन की होगी ।






