मुज़फ्फरनगर। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में शिव सेना कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जानसठ तहसील परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला दहन कर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व शिव सेना तहसील अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय एवं जिला प्रमुख बिट्टू सिखेड़ा ने किया।
कार्यकर्ताओं ने खतौली तिराहा से एकत्र होकर जुलूस के रूप में जानसठ तहसील गेट तक मार्च किया, जहां प्रधानमंत्री यूनुस का पुतला फूंका गया। शिव सेना नेताओं ने नॉर्वे सरकार से मांग की कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को दिया गया शांति नोबेल पुरस्कार तत्काल वापस लिया जाए। उनका आरोप था कि यूनुस सरकार के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं, ऐसे में उन्हें शांति पुरस्कार दिया जाना न्यायसंगत नहीं है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भारत सरकार से भी अपील की कि वह बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए। शिव सेना तहसील अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय ने बताया कि यह कार्यक्रम बलिदानी दिवस सप्ताह के अंतर्गत आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सप्ताह गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों के शहीदी दिवस से जुड़ा है और उसी भावना के साथ आतंकवाद व अन्याय के प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप पुतला दहन किया गया। इस अवसर पर प्रमोद कुमार, रोशन कुमार, सचिन कुमार, आकाश कुमार, प्रिंस कुमार, अनुज कुमार, एडवोकेट हरमन कुमार सहित शिव सेना के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






