खतौली। कस्बे में बन रहे खतौली-बुआड़ा रोड फ्लाईईओवर की चौड़ाई को लेकर स्थानीय व्यापारी और किसान आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि मुख्य मार्ग को महज 15 फुट चौड़ा रखा गया है, जबकि भू-मैप के अनुसार इसकी चौड़ाई इससे कहीं अधिक होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने सेतु निगम और प्रशासन पर यह आरोप लगाया है कि फ्लाईईओवर व सर्विस रोड की पैमाइश की जानकारी उन्हें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराई जा रही। प्रभावित लोग चाहते हैं कि उन्हें यह जानकारी लिखित रूप में दी जाए, ताकि वे अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट योजना बना सकें। फ्लाईईओवर निर्माण से सबसे ज्यादा खतरा नीचे बनी छोटी दुकानों पर मंडरा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि उनकी दुकानें टूटने की कगार पर हैं, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी खतरे में पड़ जाएगी। इससे स्थानीय बाजार और रोजगार पर भी गहरा असर पड़ सकता है। व्यापारियों और किसानों ने प्रशासन से मुआवजा कमर्शियल रेट पर देने की मांग की है। इस पर सेतु निगम अधिकारियों का कहना है कि जिन व्यापारियों के पासकृएमडीए से स्वीकृत नक्शा कमर्शियल बिजली मीटर और व्यापार से जुड़े दस्तावेज देने होंगे। उन्हें कमर्शियल मुआवजा दिया जाएगा। वहीं जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित होगी, उन्हें इस बार पहले से बढ़ा हुआ कृषि मुआवजा देने की योजना है। व्यापारी और किसान दोनों ही प्रशासन से यही चाहते हैं कि उन्हें स्पष्ट जानकारी और न्यायपूर्ण मुआवजा मिले। उनका कहना है कि फ्लाईईओवर विकास की दृष्टि से आवश्यक है, लेकिन इसके चलते स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी और खेती-बाड़ी का नुकसान नहीं होना चाहिए। खतौली में फ्लाईईओवर निर्माण की रफ्तार भले तेज हो, लेकिन पारदर्शिता और मुआवजे का मुद्दा अब भी सुलझना बाकी है।






