खतौली।
आवास विकास कॉलोनी, खतौली में 15 से 23 अगस्त तक प्राकृतिक पद्धति पर आधारित चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।इस शिविर में लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। प्राकृतिक चिकित्सा एक ऐसी प्रणाली है जो शरीर की स्वयं की उपचार क्षमता को जागृत करती है। इसमें दवा या सर्जरी का प्रयोग नहीं किया जाता, बल्कि प्राकृतिक तरीकों से स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाता है।शिविर में प्रतिभागियों को आहार सुधार, योग-प्राणायाम, जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, मालिश तथा उपवास जैसी विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा का उद्देश्य शरीर, मन और भावनाओं तीनों का संतुलन बनाना है ताकि व्यक्ति पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त कर सके। स्थानीय नागरिकों ने इस शिविर का लाभ उठाया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया इसी कड़ी में अंजलि ममगई, ओम पाल सिंह डायरेक्टर, अजय जनमेजय, धीरज अहलावत बबलू, श्रीमती शकुंतला देवी, मिंटू सैनी, सुरेन्द्र सिंह सिकंदर पुर, अंकित प्रधान पलड़ी, राजीव धामा, अमित धामा व अन्य उपस्थित रहे।






