-निरीक्षण में मिली खामियों पर अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार, जांच समिति गठित करने के दिए निर्देश
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण द्वारा भोपा रोड पर बनाए गए 224 आवासों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों का सच जानने सोमवार को प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जो खामियां सामने आईं, उन्हें देखकर मंत्री भी हैरान रह गए।
मंत्री के निरीक्षण में पाया गया कि मकानों के निर्माण में मानकों की घोर अनदेखी की गई है। लाल ईंटों की जगह पीली ईंटों का प्रयोग किया गया था, वहीं दीवारों में लगाए गए सीमेंट का मसाला इतनी कमजोर क्वालिटी का था कि मामूली चोट पर ही वह झड़ने लगा। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में इस तरह की लापरवाही देख मंत्री कपिल देव अग्रवाल भड़क उठे और मौके पर ही एमडीए अधिकारियों को तलब कर लिया। सूचना मिलते ही एमडीए की उपाध्यक्ष कविता मीणा तथा सचिव कुंवर बहादुर सिंह निरीक्षण स्थल पर पहुंचे। मंत्री ने स्वयं उन्हें निर्माण कार्य में मिली खामियों का नजारा दिखाया। आरोपों और सबूतों के सामने आने पर अधिकारी बगले झांकते नजर आए। कड़ी नाराजगी जताते हुए मंत्री ने मौके पर ही जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है। इसका मकसद समाज के गरीब व जरूरतमंद लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इस योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान भाजपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।







