मुजफ्फरनगर। थाना मन्सूरपुर क्षेत्र के ग्राम पुरबालियान निवासी किसान अब्दुल गफ्फार पुत्र मंगत ने अपनी पूर्वजों की 36 बीघा पैतृक जमीन बचाने के लिए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। किसान का कहना है कि गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उसकी उपजाऊ जमीन पर कब्जे की साजिश रची जा रही है। अब्दुल गफ्फार ने दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी जमीन पक्की सड़क के किनारे स्थित है और अच्छी पैदावार देती है, जिसे उन्होंने वर्षों से प्राकृतिक खाद से उपजाऊ बनाए रखा है। लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों ने चकबंदी अधिकारियों से साजिश कर उनकी उपजाऊ भूमि के बदले नदी किनारे की बंजर और अव्यवस्थित जमीन देने की कोशिश की है।किसान ने आरोप लगाया कि उसके चाचा के बेटे साऊद, दाऊद और अब्दुल कय्यूम पुत्रगण मनसफ अली उसके परिवार पर दबाव बना रहे हैं और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। अब्दुल गफ्फार ने कहा कि ये लोग महिला उत्पीड़न कानूनों का दुरुपयोग कर झूठे आरोप लगाने की योजना बना रहे हैं, ताकि उनकी जमीन और मकान पर कब्जा किया जा सके। गफ्फार ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर एसओसी चकबंदी अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें उनकी पूर्वजों की जमीन वापस नहीं दी गई, तो उनका परिवार सामूहिक इच्छा मृत्यु की स्वीकृति लेने को मजबूर होगा।किसान ने प्रशासन से निवेदन किया कि या तो उनकी जमीन पूर्व स्थान पर पुनर्स्थापित की जाए, या फिर उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।






