मुजफ्फरनगर। भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि पर रविवार की रात साल का पूर्ण चंद्र ग्रहण लगा। यह चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की रात 9:57 बजे से शुरू होकर देर रात 1:26 बजे तक रहेगा। भारत सहित विश्व के कई देशों में यह ग्रहण स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है। इस कारण से रविवार को दोपहर 12:35 बजे से सूतक काल शुरू हो गया। सूतक काल शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए और किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य को करने की मनाही रही। ग्रहण को लेकर मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों सहित पूरे देश के मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण और विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा। चंद्र ग्रहण को धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए मंत्र-जाप, ध्यान और दान का विशेष फल प्राप्त होता है। ग्रहण के समय भोजन बनाना और ग्रहण कालीन भोजन करना निषेध माना गया है। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका महाद्वीपों में भी दिखाई देगा। भारत में यह पूरे देशभर में दृष्टिगोचर होगा। इसी दिन से पितृ पक्ष अथवा श्राद्ध पक्ष की शुरुआत भी हो गई। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पितरों की शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यह समय विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है।







