मुजफ्फरनगर। श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति, पटेल नगर द्वारा आयोजित 50वें श्री रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार रात को भगवान श्रीराम का अवतार तीनों भाइयों के साथ हुआ। इस अवसर पर भस्मासुर लीला और श्रीराम जन्म की रोमांचकारी नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि सत्यप्रकाश मित्तल (अग्रसैन ट्रस्ट अध्यक्ष), संजय सिंघल, नीरज बंसल और राघव बंसल सपरिवार उपस्थित रहे। अतिथियों ने भगवान श्री गणेश, रामायण और श्री बांके बिहारी की आरती में भाग लिया। समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह और प्रसाद देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम की शुरुआत कलाकारों ने भस्मासुर की तपस्या और वरदान के मंचन से की। इसके बाद भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार और भस्मासुर के अंत की लीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उसके बाद पूरी लीला भगवान श्रीराम के जन्म और बाल्य लीला पर आधारित थी। कथा में बताया गया कि राजा दशरथ ने वशिष्ठ ऋषि से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद लिया और चारों राजकुमारों का जन्म हुआ। भगवान हनुमान का जन्म और उनके बाल रूप में रामलला के साथ नृत्य का दृश्य दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहा।कार्यक्रम में रामलला के नामकरण संस्कार और राजकुमारों का विद्या ग्रहण हेतु गुरु वशिष्ठ के पास जाना भी मंचित किया गया। रामलीला समिति के अध्यक्ष गोपाल चौधरी, मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन, कार्यक्रम संयोजक विकल्प जैन, महामंत्री सुरेंद्र मंगल, मंत्री जितेंद्र कुच्छल सहित कई पदाधिकारी, कलाकार और सहयोगी मौजूद रहे। दर्शकों ने कार्यक्रम की प्रस्तुति और कलाकारों के अभिनय की भूरी-भूरी प्रशंसा की।







