सहारनपुर के अपर आयुक्त की संस्तुति के आधार पर राज्य कर आयुक्त ने की कार्रवाई
उद्यमियों ने बुधवार को जीएसटी कार्यालय पहुंचकर रिश्वत मांगने के खिलाफ उठाई थी आवाज
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के उद्यमी से पचास लाख की रिश्वत मांगने वाले वाणिज्य कर अधिकारी हिमांशु सुधीर लाल को राज्य कर आयुक्त ने निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए। अब उद्यमियों ने लाल के साथ जुडे़ अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठा दी है। आईआईए से जुड़े उद्यमियों ने पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अश्विनी खंडेलवाल, पूर्व केंद्र कार्यकारिणी सदस्य नीरज केडिया, पूर्व चेयरमैन अशोक अग्रवाल, पवन कुमार गोयल, मनोज अरोरा, पूर्व अध्यक्ष विपुल भटनागर की अगुवाई में व्यापारियों से अवैध वसूली करने और उन्हें धमकाने के विरोध में जीएसटी कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। आरोप लगाया कि वाणिज्य कर अधिकारी ने एक व्यापारी को आतंकित कर 50 लाख की रिश्वत मांगी गई है। आईईए चेयरमैन ने आवाज उठाई तो उन्हें भी नोटिस देकर आतंकित करने की कोशिश की गई। यह मामला गरमाया तो राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी विभागीय अधिकारियों से बात कर कार्रवाई के लिए कहा।
सहारनपुर अपर आयुक्त की संस्तुति के आधार पर राज्य कर आयुक्त ने प्रथम दृष्टया आरोप को सही मानते हुए वाणिज्य कर अधिकारी हिमांशु सुधीर लाल को निलंबित कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि राज्य कर अधिकारी हिमांशु सुधीर लाल के राजेश जैन डायरेक्टर श्री सन्मति एक्जिम इण्डिया मुजफ्फरनगर द्वारा की गयी लिखित शिकायत में धमकाने एवं रिश्वत मांगे जाने के तथ्यों का उल्लेख किया गया है। आरोप गंभीर है, इसलिए तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित करते हुए झांसी से संबद्ध किया जाता है। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि भाजपा राज में भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।






