मुजफ्फरनगर। गणतंत्र दिवस परेड के चलते एनसीआर में नो प्लाइंग जोन घोषित होने के कारण उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को मुजफ्फरनगर से देहरादून के लिए हवाई सेवा लेनी पडी। धामी के हैलीकाप्टर को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली थी, इस कारण उन्हें दिल्ली से यहां सडक मार्ग से आना पड़ा। इसी दौरान धामी ने कहा कि मुजफ्फरनगर से उत्तराखंड राज्य स्थापना की गहरी यादें जुडी है। उन्होंने सियासी दलों को शंकराचार्य विवाद में राजनीति न करने की सलाह दी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को दिल्ली से सडक मार्ग से मुजफ्फरनगर पहुंचे। पुलिस लाइन पहुंचने पर राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, सीओ सिटी सि(ार्थ के मिश्रा, सीओ मंडी राजू साव ने उनकी अगवानी की। पूर्व विधायक उमेश मलिक, भाजपा नेता विशाल गर्ग, सुनील दर्शन, रजत गोयल आदि इस दौरान मौजूद रहे। दरअसल सीएम धामी कुछ काम से दिल्ली गए हुए थे। दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियों के चलते एनसीआर क्षेत्र में नो फ्लाइंग जोन घोषित किया हुआ, जिस कारण सीएम को हैलीकाॅप्टर को अनुमति नहीं मिल सकी। मुजफ्फरनगर के पुलिस लाइन से धामी देहरादून के लिए रवाना हुए।
इससे पूर्व मीडिया से बात करते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक तो मुजफ्फरनगर हमारा पडोसी है और उत्तराखड राज्य स्थापना से इसकी गहरी यादें जुडी है। रामपुर तिराहा कांड किसी से छिपा नहीं है। हर साल दो अक्तूबर को रामपुर तिराहे पर आकर उत्तराखंड के शहीदों को श्र(ाजंलि अर्पित करते है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि चार धाम की यात्रा में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है, क्योंकि चार धाम यात्रा का स्वरूप लगातार बढता जा रहा है।







