मुजफ्फरनगर। रेशू विहार चौक स्थित अपने निज निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में सत्यप्रकाश रेशू ने कुछ लोगों पर जाट समाज को बदनाम करने, निजी यूनिपोल पर जबरन कब्जा करने और सार्वजनिक मंच से धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए। प्रेस वार्ता में विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सत्यप्रकाश रेशू ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन के अवसर पर उन्हें डराने-धमकाने तथा “मिट्टी में मिला देने” जैसे बयान सार्वजनिक रूप से दिए गए, जो निंदनीय हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चौधरी चरण सिंह उनके भी प्रेरणास्रोत हैं और वे समाज की समरसता के प्रहरी रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की रोजी-रोटी से जुड़े निजी यूनिपोल पर बिना अनुमति फ्लेक्स लगाए गए हैं। रेशू ने मांग की कि जिन लोगों ने फ्लेक्स लगाए हैं, वे स्वयं उन्हें तत्काल हटाएं तथा गलत बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि चौधरी चरण सिंह की नीतियों और विचारों का सम्मान बना रहे। रेशू ने कहा कि धार्मिक व सामाजिक समरसता के प्रतीक चौधरी चरण सिंह के नाम पर किसी की निजी संपत्ति पर कब्जा कर चौक का नामकरण करना उनकी नीतियों के विरुद्ध है। उनका कहना था कि बिना विश्वास में लिए “रेशू चौक” का नाम बदलकर भारत रत्न चौधरी चरण सिंह चौक करना गलत है। यदि चौधरी साहब के नाम पर चौक का नाम रखना ही था तो मेरठ चुंगी, मेरठ वाई-पॉइंट या पिन्ना चौक जैसे सार्वजनिक स्थलों को चुना जाना चाहिए था, जहां प्रतिदिन हजारों लोग नमन कर पाते।उन्होंने जाट समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इस समाज ने देश को संत, किसान, सैनिक, प्रशासक, जनप्रतिनिधि और उद्योगपति दिए हैं तथा समाज हमेशा देश की एकता और भाईचारे के साथ खड़ा रहा है। कुछ चंद लोगों द्वारा जाट महासभा व चौधरी चरण सिंह के नाम का दुरुपयोग करना समूचे जाट समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है, जिसकी सर्व समाज द्वारा निंदा की जा रही है। सत्यप्रकाश रेशू ने बताया कि उन्होंने यह विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रालोद प्रमुख जयंत चौधरी, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान, रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक, सांसद चंदन चौहान सहित कई जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के समक्ष रखा था। इस पर आश्वासन दिया गया था कि 24 दिसंबर 2025 को यूनिपोल से फ्लेक्स हटवा दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह की नीतियों के विरुद्ध कार्य करने वालों की सच्चाई सामने लाने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए यह आवाज उठाई जा रही है, जिसमें सर्व समाज के समर्थन की अपेक्षा है। वार्ता में कोटद्वार कण्व आश्रम से विश्वपाल जयंत, हिंदू जागरण मंच से नरेंद्र पंवार, क्रांति सेना से ललित मोहन शर्मा, शिवसेना से मनोज सैनी, जाट समाज से गजेंद्र राणा, आर्य समाज से मुकेश आर्य, वैश्य समाज से पूर्व विधायक अशोक कंसल तथा ठाकुर समाज से अरुण प्रताप सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।







