मुजफ्फरनगर, ;नि.सं.द्ध। जनपद में तेजी से फैल रहे नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को लेकर क्रांति सेना व शिव सेना (शिंदे गुट) के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि जिले में चल रहे इस नशे के कारोबार की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में बताया गया कि मेडिकल स्टोरों, पान की दुकानों और गली-मोहल्लों में खुलेआम नशीली दवाओं की बिक्री हो रही है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली तस्कर बेरोजगार युवाओं के नाम पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनवाकर, उन्हें मासिक किराए पर लेकर नशे के कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। एक हालिया उदाहरण देते हुए कार्यकर्ताओं ने बताया कि शिव सेना से जुड़े रामपुरी निवासी हेमंत शर्मा के नाम पर एक मेडिकल फर्म बनाई गई, जिसे अक्षय शर्मा नामक व्यक्ति द्वारा 5000 मासिक किराए पर लिया गया। इसी फर्म के जरिये नशीली दवाओं का कारोबार किया गया। जब इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ, तो देहरादून स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने छापा मारा, जिसमें भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद हुईं। अक्षय शर्मा अपने परिवार सहित फरार हो गया, जबकि निर्दोष हेमंत शर्मा को केवल लाइसेंसधारी होने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इस पूरे कारोबार के पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो सफेदपोश लोगों द्वारा संचालित है। ये लोग युवाओं को मोहरा बनाकर अपने अवैध धंधे को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि असली तस्कर कानून की पकड़ से बाहर हैं। क्रांति सेना व शिव सेना (शिंदे) के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पूरे नेटवर्क की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जो सफेदपोश इस कारोबार में लिप्त हैं, उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं।इस अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जाए।निर्दोष लोगों की रिहाई सुनिश्चित कराई जाए।इस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व प्रदेश उप प्रमुख प्रमोद अग्रवाल, क्रांति सेना जिलाध्यक्ष मुकेश त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष अल्का शर्मा, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम चैधरी, युवा नगर प्रमुख भुवन मिश्र, युवा संगठन मंत्री अभिषेक शर्मा, कार्यालय प्रभारी शैलेन्द्र विश सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।ज्ञापन सौंपते समय वक्ताओं ने कहा कि यदि शीघ्र कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।






