-भक्ति और उल्लास में डूबा नगर, झांकियों ने मोहा मन, मंदिरों में उमड़ी भीड़
-जन्माष्टमी की रौनक से जगमगाया नगर, देर रात तक गूंजे भजन-कीर्तन
-शहर के मंदिरों की भव्य सजावट बनी आकर्षण का केंद्र
-गोलोकधाम से लेकर शनि धाम तक श्रद्धालुओं का रहा सैलाब
मुजफ्फरनगर। जनपद भर में इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर शहर और गांव के मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। जगह-जगह रंग-बिरंगी कृत्रिम रोशनियों से मंदिर जगमगा उठे। देर रात तक मंदिरों में भजन-कीर्तन और संकीर्तन गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो गया।
शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष आकर्षण देखने को मिला। शनि धाम मंदिर की भव्यता श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती रही। यहां देर रात तक चली भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसी प्रकार काली नदी स्थित मंदिर में भी भारी भीड़ उमड़ी, जहां भगवान श्री कृष्ण की भव्य झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। सबसे अधिक भीड़ गांधी कालोनी स्थित गोलोक धाम मंदिर में रही। मंदिर को इस प्रकार सजाया गया था कि दूर से ही उसकी भव्यता श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही थी। यहां नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत एक से बढ़कर एक धार्मिक झांकियां भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण बनीं। बच्चों ने श्री कृष्ण, राधा और अन्य पौराणिक पात्रों की झलकियां प्रस्तुत कर सभी का मन जीत लिया। इसके अलावा पूरे नगर के छोटे-छोटे बच्चे अपने माता-पिता के साथ भगवान कान्हा की वेशभूषा में मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे। छोटे बच्चों का राधा-कृष्ण स्वरूप में दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उधर पुलिस लाइन में भी परंपरा के अनुसार हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य आयोजन किए गए। पुलिस अधीक्षक संजय सिंह वर्मा के निर्देशन में यहां जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसे देखने के लिए न केवल पुलिस परिवार बल्कि स्थानीय श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में पहुंचे। नगर के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी जन्माष्टमी का उल्लास देखने को मिला। जगह-जगह झांकियों, सजावट और भजन मंडलियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन करते रहे और नंदलाल के जन्मोत्सव का उल्लास मनाते रहे।









