मुजफ्फरनगर। आबकारी रोड के भगवान वाल्मीकि मार्ग स्थित प्राचीन भगवान वाल्मीकि मंदिर में बुधवार को भगवान वाल्मीकि की मूर्ति स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। मंदिर प्रांगण भव्य सजावट, धार्मिक उत्साह और सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बना दिखाई दिया।
दो चरणों में हुए इस कार्यक्रम का आगाज 28 नवंबर को मूर्ति परिक्रमा के साथ हुआ था, जबकि मुख्य कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हुआ। शुक्रवार, 28 नवंबर को दोपहर 12 बजे मूर्ति परिक्रमा निकाली गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी। इसके बाद बुधवार को अभिजित मुहूर्त में प्रातः 11 बजे भगवान वाल्मीकि जी की नई प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा संस्कार संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे सम्मान समारोह तथा 12:30 बजे भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचीन भगवान वाल्मीकि मंदिर कमेटी के पदाधिकारी दिन-रात जुटे रहे। कमेटी अध्यक्ष डॉ. मुकेश बिरला, वरिष्ठ महामंत्री प्रवीण मंघल, वरिष्ठ कोषाध्यक्ष अरुण लोहरे, महामंत्री प्रेम चीगांन, सोनू मंघल, संगठन मंत्री ओमपाल धीगांन, कोषाध्यक्ष अर्जुन शील सहित कमेटी के सभी पदाधिकारी व्यवस्थाओं की निगरानी में सक्रिय दिखाई दिए। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले और प्रदेश की तमाम महत्वपूर्ण हस्तियां समारोह में शामिल होने पहुंची। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, कपिल देव अग्रवाल ने शिरकत की। विशेष अतिथियों में कुल्लन देवी (संरक्षक), पूर्व विधायक प्रमोद उंटवाल, सपा के प्रदेश सचिव राकेश शर्मा, सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व विशिष्टजन शामिल रहे। मंदिर समिति के अनुसार, यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और जनभागीदारी का प्रतीक रहा। क्षेत्र में आयोजन को लेकर गहरी उत्सुकता रही और श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बनने को आतुर दिखे।






