मुजफ्फरनगर। तीर्थनगरी शुक्रताल में आयोजित सनातन धर्म संसद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाने, भारत को हिंदू राष्ट्र और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने समेत 12 प्रस्ताव पारित किए गए। योगी के प्रस्ताव पर संतों की मोहर लगी तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। धर्म संसद में हिंदू समाज को आगाह किया गया कि राष्ट्र और भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए हिंदू समाज को एकजुट होना होगा, क्योंकि कुछ ताकतें देश को कमजोर करने में लगी हंै।
हिंदू संघर्ष समिति के तत्वावधान में शुक्रताल के हनुमान धाम परिसर में आयोजित सनातन धर्म संसद में हिंदू समाज की एकता पर बल देते हुए 11 प्रस्ताव पारित किए गए। 12वां प्रस्ताव संत समाज की तरफ से आया, जिसमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदू संस्कृति का रक्षक बताते को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत की गई। धर्म संसद में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर इस प्रस्ताव का स्वागत किया गया। भारत के विभिन्न प्रांतों से पधारे संतों, महामण्डलेश्वरों, धर्माचार्यों, विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं हिंदू संघर्ष समिति से जुड़े हुए विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा समस्त हिंदू समाज की उपस्थिति में भारत को पुनः हिंदू राष्ट्र घोषित करने, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने, हिंदू हितों के लिए केंद्रीय सनातन बोर्ड गठित करने, किया जाए, सामाजिक एकता एवं समरसता को राष्ट्रीय नीति में प्राथमिकता देने, समाज एक शक्ति के सि(ांत पर राष्ट्रीय स्तर पर जनजागरण चलाने, जनसंख्या नियंत्रण एवं समान नागरिक संहिता शीघ्र लागू करने, राष्ट्र निर्माण में संत समाज की भूमिका को औपचारिक मान्यता देने, भारत के ऐतिहासिक हिंदू मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के मूल स्वरूप को बनाए रखने को विशेष राष्ट्रीय कानून बनाना आदि शामिल है।









